ईरानी युद्धपोत पर हमला: अखिलेश यादव का केंद्र पर तीखा प्रहार; 'सरकार-शून्यता' का लगाया आरोप
Akhilesh Yadav sharply attacks Centre, accuses
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारत में नौसैनिक अभ्यास के बाद वापस लौट रहे ईरानी युद्धपोत आइआरआइएस डेना पर अमेरिकी हमले को लेकर केंद्र पर निशाना साधा है। पार्टी की ओर से गुरुवार को जारी बयान में सपा प्रमुख ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्दा होने के नाते सरकार को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि अमेरिकी-इजराइली हमलों का हमारी सरहदों के करीब, हिंद महासागर तक पहुंचना चिंता का विषय है और बेहद चिंतनीय भी कि इस गंभीर विषय पर भाजपा सरकार ने चुप्पी साध रखी है। नरेन्द्र मोदी सरकार को इसे स्पष्ट करना चाहिए कि जाए कि इसे ‘चुप्पी’ माना जाए या किसी विशेष भय के कारण इसे ‘घिग्घी बंधना’ माना जाए।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सपा प्रमुख ने सवाल उठाया कि जनता पूछ रही है कि आपका कौन सा पत्ता दबा है। उन्होंने कहा कि यह तो बड़ा अंतरराष्ट्रीय मुद्दा है, इसके नाते सरकार को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। परंतु सरकार के मुंह न खोलने के कारण विपक्ष को मजबूर होकर बोलना पड़ रहा है। ऐसा लग रहा है कि देश में सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए अस्पष्ट नीति अपनाने का तरीका ढूंढ रही है, जिससे लोग अटकलों में ही उलझे रहें। भाजपाई आगामी संसद सत्र में भी ऐसा कोई विवादास्पद विषय जरूर उठाएंगे, जिससे विफलताओं पर बात ही न हो सके। देश के लिए ये समय ‘सरकार-शून्यता’ का काल है।
सपा प्रमुख ने अयातुल्ला अली खामेनेई पर हुए हमले और मीनाब के एक स्कूल पर हुए इजारायली-अमेरिकी हमलों की भी निंदा की। स्कूल पर हमले में 165 छात्राएं मारी गईं थीं।
उन्होंने कहा कि हम उनकी शहादत को नमन करते हैं और इससे शोक संतप्त लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं।